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अमृत की परिभाषा (Amrit Ki Paribhasha)

अमृत की परिभाषा (Amrit Ki Paribhasha) : यहाँ पर अमृत की परिभाषा पौराणिक कथाओं और पौधों दोनों के संदर्भ में बताई गई है।

अमृत की परिभाषा (Amrit Ki Paribhasha)

पौराणिक कथाओं के अनुसार अमृत की परिभाषा

अमृत एक दुर्लभ पेय है, जो अमरत्व देता है यानि धर्मग्रंथों में वर्णित वह तरल पदार्थ जिसे पीने से जीव अमर हो जाता है। अमृत का शाब्दिक अर्थ ‘अमरता’ है। भारतीय ग्रंथों में यह अमरत्व प्रदान करने वाले रसायन के अर्थ में प्रयुक्त होता है। यह शब्द सबसे पहले ऋग्वेद में आया है जहाँ यह अमृत के विभिन्न पर्यायों में से एक है।

ग्रीक और रोमन पौराणिक कथाओं में देवताओं के पेय को भी अमृत कहा जाता है।

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पौधों के लिए अमृत की परिभाषा

पौधों द्वारा स्रावित एक शर्करा द्रव, विशेष रूप से फूलों के भीतर कीड़े और अन्य जानवरों द्वारा परागण को प्रोत्साहित करने के लिए। इसे मधुमक्खियां शहद बनाने के लिए एकत्र करती हैं।

Amrit Ki Paribhasha
Amrit Ki Paribhasha

ध्यान दें : यहाँ पर अमृत की परिभाषा (Definition of Nectar in Hindi) दी गई है। Amrit Ki Paribhasha का इस्तेमाल प्रतियोगी परीक्षाओं में किया जा सकता है। आशा करते हैं, की यह परिभाषा आपका ज्ञान बढ़ाने में मददगार होगी।

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