डॉक्टर बनने के लिए कोर्स: डॉक्टर बनने के लिए कौन सा कोर्स करें?

डॉक्टर बनने का सपना हर उस छात्र का होता है जो चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहता है। यह न केवल एक प्रतिष्ठित पेशा है, बल्कि समाज के प्रति सेवा का एक उत्कृष्ट माध्यम भी है। लेकिन डॉक्टर बनने के लिए कौन सा कोर्स करें? इस सवाल का जवाब जानने के लिए आइए विस्तार से समझते हैं।

डॉक्टर बनने की आवश्यक योग्यता

डॉक्टर बनने के लिए आपको 12वीं कक्षा में विज्ञान (PCB) यानि भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान विषयों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके बाद आपको राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में उत्तीर्ण होना होता है।

डॉक्टर बनने के लिए कोर्स: डॉक्टर बनने के लिए कौन सा कोर्स करें?

एमबीबीएस (MBBS)

एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन और बैचलर ऑफ सर्जरी) डॉक्टर बनने के लिए सबसे प्रमुख और सामान्य कोर्स है। इस कोर्स की अवधि 5.5 वर्ष होती है, जिसमें 4.5 वर्ष का अकादमिक अध्ययन और 1 वर्ष की इंटर्नशिप शामिल है। इस कोर्स के दौरान आप मानव शरीर की संरचना, कार्यप्रणाली, और विभिन्न रोगों के उपचार के बारे में विस्तार से सीखते हैं।

बीडीएस (BDS)

यदि आपका रुझान दंत चिकित्सा में है, तो आप बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) का कोर्स कर सकते हैं। यह कोर्स 5 वर्ष का होता है, जिसमें 4 वर्ष का अकादमिक अध्ययन और 1 वर्ष की इंटर्नशिप शामिल है। बीडीएस करने के बाद आप एक प्रमाणित दंत चिकित्सक बन सकते हैं।

बीएचएमएस (BHMS)

होम्योपैथिक चिकित्सा में रुचि रखने वालों के लिए बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) एक उपयुक्त विकल्प है। यह कोर्स 5.5 वर्ष का होता है, जिसमें 4.5 वर्ष का अकादमिक अध्ययन और 1 वर्ष की इंटर्नशिप शामिल है। BHMS करने के बाद आप एक होम्योपैथिक डॉक्टर बन सकते हैं।

बीएएमएस (BAMS)

आयुर्वेदिक चिकित्सा में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) एक उत्तम कोर्स है। इस कोर्स की अवधि 5.5 वर्ष होती है, जिसमें 4.5 वर्ष का अकादमिक अध्ययन और 1 वर्ष की इंटर्नशिप शामिल है। BAMS करने के बाद आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक डॉक्टर बन सकते हैं।

बीयूएमएस (BUMS)

यूनानी चिकित्सा में रुचि रखने वालों के लिए बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (BUMS) एक बेहतरीन विकल्प है। यह कोर्स 5.5 वर्ष का होता है, जिसमें 4.5 वर्ष का अकादमिक अध्ययन और 1 वर्ष की इंटर्नशिप शामिल है। BUMS करने के बाद आप यूनानी चिकित्सा पद्धति के डॉक्टर बन सकते हैं।

अन्य विकल्प

इसके अलावा, यदि आप विशेष रूप से नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, या मनोचिकित्सक बनना चाहते हैं, तो एमबीबीएस के बाद संबंधित विशेषज्ञता में पोस्टग्रेजुएट कोर्स (MD/MS) कर सकते हैं।

NEET की तैयारी

डॉक्टर बनने के लिए आवश्यक पहला कदम NEET परीक्षा पास करना है। इसके लिए आपको निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए:

  1. मजबूत बुनियाद: 11वीं और 12वीं कक्षा के विज्ञान विषयों की मजबूत नींव बनाएं।
  2. समय प्रबंधन: प्रत्येक विषय के लिए नियमित अध्ययन समय निर्धारित करें।
  3. मॉक टेस्ट: नियमित रूप से मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी की जांच करें।
  4. स्वास्थ्य: परीक्षा के दौरान शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

निष्कर्ष

डॉक्टर बनने का मार्ग कठिनाईयों और चुनौतियों से भरा होता है, लेकिन इसकी सफलता अत्यंत संतोषजनक होती है। एमबीबीएस, बीडीएस, बीएचएमएस, बीएएमएस और बीयूएमएस जैसे विभिन्न कोर्सों के माध्यम से आप अपने चिकित्सा करियर की शुरुआत कर सकते हैं। उचित मार्गदर्शन, समर्पण और मेहनत से आप एक सफल डॉक्टर बन सकते हैं और समाज की सेवा कर सकते हैं।

यदि आप डॉक्टर बनने की योजना बना रहे हैं, तो सही कोर्स का चयन करें और अपने लक्ष्य की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ें। आपका भविष्य उज्जवल और साकारात्मक हो, यही हमारी शुभकामनाएं हैं।

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