जल प्रदूषण स्तर को बताने वाला सर्वाधिक सामान्य सूचक जीव कौन?

जल प्रदूषण स्तर को बताने वाला सर्वाधिक सामान्य सूचक जीव ई. कोलाई (Escherichia coli) है। यह एक प्रकार का जीवाणु है जो मानव और अन्य गर्म रक्त वाले जानवरों की आंत में पाया जाता है। जब मल जल में मिल जाता है, तो ई. कोलाई भी जल में मिल जाता है।

ई. कोलाई एक सूचक जीव क्यों है?

  1. विशिष्टता: ई. कोलाई केवल मनुष्यों और गर्म रक्त वाले जानवरों की आंतों में पाया जाता है। इसका मतलब है कि यदि यह जल में मौजूद है, तो यह मल प्रदूषण का संकेत देता है।
  2. संवेदनशीलता: ई. कोलाई जल प्रदूषण के प्रति बहुत संवेदनशील है। थोड़ी मात्रा में प्रदूषण भी इसकी संख्या में वृद्धि का कारण बन सकता है।
  3. संख्या में वृद्धि: ई. कोलाई तेजी से प्रजनन कर सकता है, जिससे जल प्रदूषण की तीव्रता का अनुमान लगाना आसान हो जाता है।
  4. आसानी से पता लगाने योग्य: ई. कोलाई का पता लगाना आसान और अपेक्षाकृत सस्ता है।

जल प्रदूषण का स्तर कैसे निर्धारित किया जाता है?

जल प्रदूषण का स्तर निर्धारित करने के लिए, जल में ई. कोलाई या अन्य सूचक जीवों की संख्या को मापा जाता है। यदि जल में इन जीवों की संख्या अधिक है, तो यह जल प्रदूषण का संकेत है।

ई. कोलाई की उपस्थिति जल प्रदूषण के निम्नलिखित स्तरों का संकेत दे सकती है:

  • कम स्तर: 100 ई. कोलाई/100 मिलीलीटर से कम
  • मध्यम स्तर: 100-1000 ई. कोलाई/100 मिलीलीटर
  • उच्च स्तर: 1000 ई. कोलाई/100 मिलीलीटर से अधिक

जल प्रदूषण के अन्य सूचक जीव:

  • ड्रेगनफ्लाई लार्वा: ये लार्वा स्वच्छ पानी में पनपते हैं, और प्रदूषित पानी में इनकी संख्या कम हो जाती है।
  • मछली: कुछ प्रकार की मछली, जैसे कि सैल्मन, प्रदूषण के प्रति संवेदनशील होती हैं और प्रदूषित पानी में जीवित नहीं रह सकती हैं।
  • शैवाल: कुछ प्रकार के शैवाल प्रदूषित पानी में पनपते हैं, और इनकी उपस्थिति जल प्रदूषण का संकेत दे सकती है।

निष्कर्ष:

ई. कोलाई जल प्रदूषण स्तर को बताने वाला सबसे सामान्य और महत्वपूर्ण सूचक जीव है। यह जल में मल प्रदूषण का पता लगाने का एक विश्वसनीय तरीका है। जल प्रदूषण के स्तर का अनुमान लगाने के लिए अन्य सूचक जीवों का भी उपयोग किया जा सकता है।

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