संविधान और कानून

अंतरराज्यीय परिषद की विस्तृत जानकारी हिंदी में | Inter-State Council Information in Hindi

अंतरराज्यीय परिषद (English: Inter-State Council) भारत के संघीय ढांचे का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह परिषद केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सामंजस्य स्थापित करने, विवादों को सुलझाने और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इस आर्टिकल में हम अंतरराज्यीय परिषद (Inter-State Council) के विभिन्न पहलुओं जैसे उसकी स्थापना, उद्देश्य, कार्यप्रणाली, […]

शंकर प्रसाद बनाम भारत संघ (1951): भारतीय संवैधानिक इतिहास का महत्वपूर्ण मुकदमा

भारत के संवैधानिक इतिहास में “शंकर प्रसाद बनाम भारत संघ (1951)” केस एक महत्वपूर्ण मुकदमा है। यह मामला भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13 और अनुच्छेद 368 के बीच के संबंध और संविधान संशोधन की प्रक्रिया को स्पष्ट करता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि यह केस क्या था, भारत सरकार ने इस

भारतीय संविधान की 12वीं अनुसूची (12th Schedule of Indian Constitution in Hindi)

भारतीय संविधान की 12वीं अनुसूची शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने और उनके कार्यों को परिभाषित करने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है। यह अनुसूची 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से संविधान में जोड़ी गई थी। इस अनुसूची का उद्देश्य शहरी प्रशासन में सुधार लाना और नगर पालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों का

भारतीय संविधान की 11वीं अनुसूची (11th Schedule of Indian Constitution in Hindi)

भारतीय संविधान की 11वीं अनुसूची भारतीय पंचायत राज प्रणाली को मजबूत करने और ग्रामीण विकास को सुचारू रूप से संचालित करने का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह अनुसूची संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से संविधान में जोड़ी गई थी। इस अनुसूची का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकेंद्रीकृत शासन को बढ़ावा देना और

भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची (10th Schedule of Indian Constitution in Hindi)

भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची, जिसे “दल बदल कानून” भी कहा जाता है, हमारे लोकतांत्रिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह अनुसूची 1985 में 52वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत जोड़ी गई थी। इस अनुसूची का मुख्य उद्देश्य विधायकों के दल बदलने पर रोक लगाना है, जिससे राजनीति में स्थिरता और अनुशासन बना रहे।

भारतीय संविधान की 9वीं अनुसूची (9th Schedule of Indian Constitution in Hindi)

भारतीय संविधान की 9वीं अनुसूची भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका निर्माण भारत की स्वतंत्रता के कुछ वर्षों बाद किया गया था। यह अनुसूची भारतीय समाज में न्याय, समानता, और विकास के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बनाई गई थी। इस लेख में, हम भारतीय संविधान की 9वीं अनुसूची (9th Schedule of

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची (8th Schedule of Indian Constitution in Hindi)

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची भारतीय संघ की भाषाई विविधता का प्रतीक है। यह अनुसूची भारतीय संविधान के अनुच्छेद 344(1) और 351 के तहत बनाई गई है, जिसमें भारतीय संघ की मान्यता प्राप्त भाषाओं की सूची दी गई है। इस लेख में हम “भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची” (8th Schedule of Indian Constitution) के विभिन्न

भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची (7th Schedule of Indian Constitution in Hindi)

भारतीय संविधान में सातवीं अनुसूची का विशेष महत्व है। यह अनुसूची संघ और राज्य के बीच शक्तियों के वितरण को स्पष्ट करती है। इस लेख में हम “भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची” (7th Schedule of Indian Constitution) के विभिन्न पहलुओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे। भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची (7th Schedule of Indian Constitution

भारतीय संविधान की छठी अनुसूची (6th Schedule of Indian Constitution in Hindi)

भारतीय संविधान की छठी अनुसूची (6th Schedule of Indian Constitution) भारतीय संघीय संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पूर्वोत्तर भारत के स्वायत्त जिला परिषदों और क्षेत्रीय परिषदों की संरचना और कार्यप्रणाली को परिभाषित करता है। यह अनुसूची संविधान के अनुच्छेद 244(2) और 275(1) के तहत लागू होती है और असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम

भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची (5th Schedule of Indian Constitution in Hindi)

भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची (5th Schedule of Indian Constitution) एक महत्वपूर्ण अनुशासन है जो विशेष रूप से अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है। इस अनुसूची का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदायों के अधिकारों और हितों की रक्षा करना है। इस लेख में, हम पांचवीं अनुसूची के

Scroll to Top