Hindi Stories

Hindi kahani जादुई नदी Jadui Nadi, Magical River Hindi Story

Hindi Kahaniyan :

hindi kahani jadui nadi

कृष्णापुर नामी एक छोटे से गांव में गंगाधर और पार्वती नाम के बूढ़े पति-पत्नी रहते थे। उनके दो बेटे थे एक का नाम राजा और दूसरे का नाम रघु था। गंगाधर और उसकी पत्नी पार्वती ने बहुत मेहनत करके अपने दोनों बेटों को उनकी हैसियत से भी ज्यादा पढ़ाया था। छोटी उम्र में वह दोनों बहुत ही कामयाब हो गए और उनको अच्छे काम भी मिल गए। और वो बहुत खुश होकर जीने लगे।

फिर एक दिन गंगाधर और उसकी पत्नी पार्वती ने अपने दोनो बेटों के लिए अच्छी सी लड़कियों देख कर, उनके साथ शादी करवा दी। इस तरह कुछ दिन गुज़र गए। राजा और रघु अपनी पत्नियों की ग़लत बातों में आकर अपने मां-बाप का ध्यान नहीं रखते थे। जिन लोगों ने बचपन में इतना प्यार किया था, उनके ही प्यार को भूल गए।

अपने बेटों का बर्ताव देख उनके अंदर आए बदलाव को देखकर गंगाधर बहुत ही दुखी रहता था। फिर एक दिन उसने अपनी पत्नी पार्वती से कहा – “सुनों पार्वती हमने बड़ी मेहनत और प्यार से इस घर को बनाया। लेकिन मुझे अब और इस घर में नही रहना। हम इस घर को बच्चों को दे कर हम कहीं और जाकर रह लेंगे”।

hindi kahani

उसकी पत्नी ने कहा – यह आप क्या कह रहे हैं? अब इस उम्र में हम कहा जाएँगे? इस गांव के किनारे जो हमारी छोटी सी जगह है, वही पर हम एक छोटी सी झोपड़ी बनाकर रह लेंगे। और जीने  के लिए छोटी-मोटी खेती कर लेंगे।

अपने पति की कहीं बातों पर हम हाँ कह दिया था। फिर अपने दोनों बेटों को बुलाकर घर का बँटवारा कर देता है। उसके बाद उन दोनों से यह कहता है कि वो लोग घर छोड़कर जा रहे हैं। यह बात सुनकर बहू के साथ-साथ उसके बेटे भी बहुत खुश हो गए। गंगाधर ने अपने बच्चों को हमेशा खुश रहना का आशीर्वाद देकर वह और उसकी पत्नी दोनों ही वहां से चले गए।

इसे भी पढ़ें :   MNSSBY - Bihar Student Credit Card Yojana : Eligibility, Online Status & Benefits

फिर उनके पास जो छोटी सी जगह थी और उसमें उन दोनों ने मिलकर एक छोटी सी झोपड़ी बनाकर वहीं रहने लगे।

जितने ताक़त उनके अंदर थी, उतनी ही वो खेती करते थे। पेड़ और पौधे भी बेचते थे। इसी तरह कुछ साल और गुजर गए। जैसे जैसे उम्र बढ़ती गई, उनके जिस्म की ताक़त कम होती गयी। इसी तरह कुछ दिन गुज़रे फिर वो दोनो बीमार पड़ गए।

एक रात को सोने से पहले गंगाधर ने प्रार्थना की – “ही भगवान! अब हमारा सिर्फ़ तुम ही एक सहारा हो, जबतक हमारे शरीर में ताक़त थी, हमने मेहनत की, कभी किसी पर बोझ नही बने, अब हमारी ताक़त ख़त्म हो चुकी है, बीमारी आ गयी है, अब हमारी सारी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ आप पर है” ये प्रार्थना करके गंगाधर सो गया था।

hindi story

उसने सपने में देखा कि भगवान उसके पास आए हैं – गंगाधर मैंने तुम्हारी सुनी है, और तुम्हारी सारी बाधाएँ भी जानता हूँ, मैं तुम्हें एक वरदान देना चाहता हूँ, यहाँ से कुछ दूर एक जंगल है उस जंगल के पूर्व की तरफ़ एक जादुई नदी है। उसमें तीन बार डुबकी लगाने से तुम फिर से जवान हो जाओगे।

सपना खत्म होते ही गंगाधर की आंख खुली। फिर वह फ़ौरन अपनी पत्नी के पास जाकर उसे नींद से जगाने लगा। अरे क्या हो गया इतनी रात में नींद से क्यों जगा रहे हो? अब ऐसा क्या हो गया? मेरे सपने में भगवान आए थे। और उन्होंने मुझसे कहा जंगल में एक जादुई नदी है, जिसमें तीन बार डुबकी लगाने से हम जवान हो जाएगें।

इसे भी पढ़ें :   Biography of Louis Pasteur in Hindi, लुई पास्चर की जीवनी, Louis Pasteur jeevni

क्या? आपकी तबीयत तो ठीक है ना ये जादुई नदी क्या है? सच कह रहा हूँ, नदी के ऊपर इंद्रधनुष था। वो सारी ही जगह बहुत ख़ूबसूरत थी। कल हम दोनो वहाँ जाएंगे। जब तक तुम अपनी आखों से देख नही लोगी तब तक तुम्हें मेरी बातों का विश्वास नही होगा।

दूसरे दिन सुबह दोनों पति-पत्नी मिलकर जंगल की तरफ निकल गए। पूरब की तरफ चलते हुए बहुत दूर तक जाने के बाद उनको वहां एक नदी नजर आई। सारी जगह बहुत ही खूबसूरत थी। जैसा गंगाधर ने सपने में देखा था, बिल्कुल वैसा ही आसमान नजर आ रहा था और आसमान पर इंद्रधनुष भी नजर आ रहा था।

stories in hindi

आपने जो कहा था वो सब सच निकला, मुझे तो ये सब जादू की तरह लग रहा है। चलो पार्वती हम दोनों इसमें तीन बार डुबकी लगते हैं। फिर दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़कर नदी के पानी में डुबकी लगाने लगे। जैसे ही उन्होंने तीसरी डुबकी लगाई थी वह दोनों बिल्कुल जवान हो गए थे। उनकी खाल चमकने लगी। वो एक-दूसरे की तरफ देखने लगे। बहुत ही हैरान थे लेकिन अपने आप को पानी में देखकर बहुत खुश हो गए। खूबसूरत चेहरा और सुकून वाला दिल, ताकतवर शरीर पाकर बेहद खुश थे। दोनों ने भगवान को प्रणाम किया और वापस अपने घर चले गए। अपने बच्चों से भी ज्यादा जवान हो गए थे।

इसे भी पढ़ें :   Nirbhaya case - 2012 Delhi gang rape (2012 के दिल्ली गैंग रेप की पूरी जानकारी)

कुछ साल गुजरने के बाद राजा और रघु के बीच झगड़ा हो गया और वह दोनों अलग-अलग घरों में रहने लगे। फिर उनके बच्चे भी उनकी तरह अपने मां-बाप को सताने लगे। तब जाकर उनको यह समझ आ गया था कि उनको ऐसा नहीं करना चाहिए था। जो मां-बाप उनका इतना ख्याल रखते थे उनके साथ इतना बुरा बर्ताव करके राजा और रघु को बहुत ही शर्मिंदगी महसूस होने लगी। फिर उन दोनों को अपनी गलती का एहसास हो गया। लेकिन गंगाधर और पार्वती ने, जो हरदान भगवान ने उन्हें दिया था उसका गलत इस्तेमाल नहीं किया। बल्कि जो बूढ़े लोग होते थे उनकी पूरी देखभाल किया करते थे।

story in hindi

अनाथ लोगों को भी अपने घर में रखते थे उन्होंने एक खूबसूरत घर भी बनाया था जिसमें वह सारे लोग मिलकर बहुत ही प्यार से जीने लगे।

सच है जो मां बाप हमारे लिए कुछ भी करते हैं, उनको बुढ़ापे में हम छोड़ देते हैं। हमें चाहिए जो प्यार उन्होंने हमें बचपन में दिया होगा, वही प्यार उन्हें उनके बुढ़ापे में देना चाहिए। तो आप भी अपने माता पिता का ख़याल रखना और उनको प्यार करना।

कहानी अच्छी लगी हो तो comment करके ज़रूर बताएँ। कहानी को अपने दोस्तों के साथ share करना ना भूलें। साथ ही niodemy के facebook page को like करें और Newsletter को Subscribe कर लें ताकि नई कहानी और जानकारी आपको अपने email पर मिल जाए।

Comment here