भारतीय संविधान में कितने अनुच्छेद हैं? (How Many Articles in Constitution of India)

भारतीय संविधान जब 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था, उस समय इसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ थीं। लेकिन समय के साथ, संविधान में कई बार संशोधन किए गए हैं, जिससे अनुच्छेदों की संख्या में परिवर्तन हुआ है।

वर्तमान में, भारतीय संविधान में कुल 470 अनुच्छेद हैं, जो 25 भागों और 12 अनुसूचियों में विभाजित हैं। इन अनुच्छेदों और भागों का विस्तार निम्नलिखित है:

  1. भाग I: संघ और उसके प्रदेश (अनुच्छेद 1 से 4)
  2. भाग II: नागरिकता (अनुच्छेद 5 से 11)
  3. भाग III: मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12 से 35)
  4. भाग IV: राज्य के नीति निदेशक तत्व (अनुच्छेद 36 से 51)
  5. भाग IV-A: नागरिकों के मूल कर्तव्य (अनुच्छेद 51A)
  6. भाग V: संघ (अनुच्छेद 52 से 151)
  7. भाग VI: राज्य (अनुच्छेद 152 से 237)
  8. भाग VII: संघ राज्य क्षेत्र (भाग VII को 7वें संशोधन अधिनियम 1956 द्वारा समाप्त कर दिया गया था)
  9. भाग VIII: संघ राज्य क्षेत्र (अनुच्छेद 239 से 242)
  10. भाग IX: पंचायतें (अनुच्छेद 243 से 243O)
  11. भाग IX-A: नगरपालिकाएँ (अनुच्छेद 243P से 243ZG)
  12. भाग IX-B: सहकारी समितियाँ (अनुच्छेद 243ZH से 243ZT)
  13. भाग X: अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्र (अनुच्छेद 244 से 244A)
  14. भाग XI: संघ और राज्य के बीच संबंध (अनुच्छेद 245 से 263)
  15. भाग XII: वित्त, संपत्ति, अनुबंध और वाद (अनुच्छेद 264 से 300A)
  16. भाग XIII: भारत के क्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम (अनुच्छेद 301 से 307)
  17. भाग XIV: संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं (अनुच्छेद 308 से 323)
  18. भाग XIV-A: अधिकरण (अनुच्छेद 323A से 323B)
  19. भाग XV: चुनाव (अनुच्छेद 324 से 329A)
  20. भाग XVI: कुछ वर्गों के प्रति विशेष प्रावधान (अनुच्छेद 330 से 342)
  21. भाग XVII: आधिकारिक भाषा (अनुच्छेद 343 से 351)
  22. भाग XVIII: आपात प्रावधान (अनुच्छेद 352 से 360)
  23. भाग XIX: विविध (अनुच्छेद 361 से 367)
  24. भाग XX: संविधान का संशोधन (अनुच्छेद 368)
  25. भाग XXI: अस्थायी, पारगमनकालीन और विशेष प्रावधान (अनुच्छेद 369 से 392)
  26. भाग XXII: संक्षिप्त नाम, प्रारंभ, आधिकारिक प्रतिलेख और निरसन (अनुच्छेद 393 से 395)

भारतीय संविधान के अनुच्छेदों (Articles in Indian Constitution) में संशोधन और परिवर्तन एक नियमित प्रक्रिया है, जो समय-समय पर संसद द्वारा किए जाते हैं ताकि संविधान को वर्तमान परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखा जा सके। इस प्रकार, अनुच्छेदों की संख्या में परिवर्तन होते रहते हैं।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top