काली हवेली का भूत (Ghost Story in Hindi | भूत की कहानी हिंदी में)

राजस्थान के एक छोटे से गाँव में काली हवेली के नाम से मशहूर एक पुरानी इमारत थी। यह हवेली बहुत समय पहले बनी थी और अब खंडहर में बदल चुकी थी। गाँव के लोग कहते थे कि इस हवेली में राजकुमारी नलिनी की आत्मा भटकती है। नलिनी की हत्या उसके ही महल में की गई थी और उसकी आत्मा को कभी शांति नहीं मिली।

एक रात, गाँव के चार दोस्त – अर्जुन, विजय, मनीष और सुमन – ने इस हवेली की सच्चाई जानने का फैसला किया। उन्होंने रात के समय हवेली में जाने का निर्णय लिया। जैसे ही वे हवेली के पास पहुंचे, हवेली के दरवाजे अपने आप खुल गए। अंदर घुसते ही उन्हें ठंडी हवाओं का सामना करना पड़ा।

अर्जुन ने कहा, “यार, ये जगह सच में डरावनी है।”

वे चारों धीरे-धीरे अंदर बढ़ते गए। अचानक, उन्हें एक औरत की रोने की आवाज सुनाई दी। वे डर गए लेकिन विजय ने हिम्मत दिखाई और आवाज की दिशा में बढ़ने लगा। उन्होंने देखा कि एक सफेद साड़ी में एक औरत खड़ी थी, जिसका चेहरा दिख नहीं रहा था।

विजय ने पूछा, “तुम कौन हो?”

औरत ने धीरे-धीरे अपना चेहरा उठाया। उसकी आँखें खून से लाल थीं और उसका चेहरा जलता हुआ लग रहा था। वह औरत धीरे-धीरे उनकी ओर बढ़ने लगी। वे चारों डर के मारे चिल्लाने लगे और भागने लगे।

तभी अचानक हवेली के दरवाजे बंद हो गए और नलिनी की आत्मा ने कहा, “तुम लोग यहां से जा नहीं सकते। अब तुम भी मेरे साथ हमेशा के लिए यहीं रहोगे।”

आखिरकार, वे किसी तरह दरवाजे को तोड़कर बाहर निकले और अपनी जान बचाई। इसके बाद वे चारों कभी भी काली हवेली के पास नहीं गए।

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