भारत के राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह | National Symbols of India Hindi me

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक: भारत एक विशाल और विविधतापूर्ण देश है, जहां अनेक संस्कृतियाँ, भाषाएँ और परंपराएँ मिलती हैं। इस विविधता और एकता को प्रतिबिंबित करने वाले राष्ट्रीय प्रतीकों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। ये प्रतीक न केवल हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं बल्कि हमारी राष्ट्रीय पहचान और गर्व का प्रतीक भी हैं। इस लेख में हम भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों (National Symbols of India) का विस्तृत परिचय देंगे, जो हमें हमारे गौरवमयी अतीत और समृद्ध वर्तमान की याद दिलाते हैं।

राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा)

भारत का राष्ट्रीय ध्वज, जिसे हम तिरंगा के नाम से जानते हैं, देश का सबसे प्रमुख और पहचानने योग्य प्रतीक है। तिरंगे में तीन क्षैतिज पट्टियाँ हैं:

  1. केसरिया: यह रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है।
  2. सफेद: यह रंग शांति और सत्य का प्रतीक है।
  3. हरा: यह रंग विश्वास और उर्वरता का प्रतीक है।

इन पट्टियों के बीच में अशोक चक्र है, जो सारनाथ के अशोक स्तंभ से लिया गया है। इसमें 24 तीलियाँ हैं, जो जीवन के 24 घंटे और निरंतर प्रगति का प्रतीक हैं।

राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ)

भारत का राष्ट्रीय प्रतीक सारनाथ के अशोक स्तंभ से लिया गया है। इसमें चार सिंह हैं जो एक-दूसरे की ओर पीठ किए खड़े हैं। यह प्रतीक हमारे देश की शक्ति, साहस, गर्व और आत्मविश्वास का प्रतीक है। इसके आधार में एक गोलाकार घंटा है, जिसमें चार पशु (हाथी, घोड़ा, सांड और शेर) और धर्मचक्र उत्कीर्णित हैं। यह प्रतीक 26 जनवरी 1950 को भारत के गणराज्य बनने के बाद अपनाया गया।

राष्ट्रीय गान (जन गण मन)

रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित “जन गण मन” भारत का राष्ट्रीय गान है। इसे 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गान के रूप में अपनाया गया। इसका गायन समय लगभग 52 सेकंड का होता है। यह गान भारत की विविधता, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।

राष्ट्रीय गीत (वन्दे मातरम्)

बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित “वन्दे मातरम्” भारत का राष्ट्रीय गीत है। इसे 1882 में उनके उपन्यास “आनंदमठ” में शामिल किया गया था। यह गीत मातृभूमि के प्रति असीम प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता दी गई।

राष्ट्रीय पुष्प (कमल)

कमल भारत का राष्ट्रीय पुष्प है। यह शुद्धता, सौंदर्य, समृद्धि, ज्ञान और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। कमल का पौधा कीचड़ में उगता है, लेकिन उसका फूल कीचड़ से ऊपर उठकर अपनी सुंदरता बिखेरता है, जो हमारी संस्कृति और धरोहर की विशेषता है।

राष्ट्रीय पक्षी (मोर)

मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। यह अपनी सुंदरता, रंग-बिरंगे पंख और राजसी चाल के लिए प्रसिद्ध है। मोर भारतीय संस्कृति में सौंदर्य, वैभव और गर्व का प्रतीक है। यह पौराणिक कथाओं और धार्मिक ग्रंथों में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

राष्ट्रीय पशु (बाघ)

बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है। यह शक्ति, साहस, चुस्ती और अनुशासन का प्रतीक है। बाघ भारतीय वन्य जीवन का राजा है और इसकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। यह वन्य जीवों की सुरक्षा के महत्व को दर्शाता है।

राष्ट्रीय नदी (गंगा)

गंगा भारत की राष्ट्रीय नदी है। यह नदी भारतीय संस्कृति, धर्म और जीवन का अभिन्न हिस्सा है। गंगा को पवित्र माना जाता है और इसे मां का दर्जा दिया गया है। यह नदी हमारे कृषि, अर्थव्यवस्था और जीवनशैली का महत्वपूर्ण अंग है।

राष्ट्रीय वृक्ष (बरगद)

बरगद भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है। यह वृक्ष दीर्घायु, स्थायित्व और अनन्तता का प्रतीक है। बरगद के वृक्ष की शाखाएँ और जटाएँ उसके जीवन की व्यापकता और गहराई को दर्शाती हैं। यह वृक्ष भारतीय संस्कृति में सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

राष्ट्रीय फल (आम)

आम भारत का राष्ट्रीय फल है। इसे “फलों का राजा” भी कहा जाता है। आम भारतीय संस्कृति और भोजन का अभिन्न हिस्सा है। इसकी विभिन्न किस्में और स्वाद भारत की कृषि विविधता को दर्शाते हैं। आम का नाम संस्कृत साहित्य और पौराणिक कथाओं में भी पाया जाता है।

राष्ट्रीय खेल (हॉकी)

हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है। इस खेल में भारत का गौरवमयी इतिहास रहा है। भारतीय हॉकी टीम ने अनेक ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीते हैं। यह खेल अनुशासन, टीम वर्क और खेल भावना का प्रतीक है।

राष्ट्रीय कैलेंडर (साका संवत)

साका संवत भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर है। इसे 22 मार्च 1957 को अपनाया गया था। साका संवत भारतीय पंचांग प्रणाली पर आधारित है और इसे सरकार के सभी आधिकारिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह कैलेंडर भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संजोए रखने का माध्यम है।

राष्ट्रीय धरोहर पशु (हाथी)

हाथी भारत का राष्ट्रीय धरोहर पशु है। यह पशु भारतीय संस्कृति, धर्म और इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हाथी शक्ति, धैर्य और बुद्धिमत्ता का प्रतीक है। इसे भारतीय धार्मिक अनुष्ठानों और पौराणिक कथाओं में भी विशेष स्थान प्राप्त है।

राष्ट्रीय धरोहर पक्षी (गरुड़)

गरुड़ भारत का राष्ट्रीय धरोहर पक्षी है। यह पक्षी भारतीय पौराणिक कथाओं में विष्णु भगवान का वाहन माना जाता है। गरुड़ साहस, शक्ति और समर्पण का प्रतीक है। यह पक्षी भारतीय संस्कृति और धार्मिक ग्रंथों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

राष्ट्रीय धरोहर स्थल (ताजमहल)

ताजमहल भारत का राष्ट्रीय धरोहर स्थल है। इसे मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज महल की स्मृति में बनवाया था। यह स्मारक प्रेम, समर्पण और कला का प्रतीक है। ताजमहल विश्व धरोहर स्थल के रूप में भी मान्यता प्राप्त है और यह भारत की पहचान बन चुका है।

राष्ट्रीय धरोहर भवन (संसद भवन)

संसद भवन भारत का राष्ट्रीय धरोहर भवन है। यह भवन भारतीय लोकतंत्र का प्रतीक है और यहाँ देश की महत्वपूर्ण नीतियाँ और कानून बनते हैं। संसद भवन का स्थापत्य कला और वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

राष्ट्रीय धरोहर पुस्तकालय (राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता)

राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता भारत का राष्ट्रीय धरोहर पुस्तकालय है। यह पुस्तकालय भारत की सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर को संजोए हुए है। यहाँ पर अनेक दुर्लभ पांडुलिपियाँ, पुस्तकों और दस्तावेजों का संग्रह है।

निष्कर्ष

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह (National Symbols of India in Hindi) हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, इतिहास और मूल्यों को प्रतिबिंबित करते हैं। ये प्रतीक हमें हमारे गौरवमयी अतीत की याद दिलाते हैं और हमें एकता, प्रेम, समर्पण और गर्व के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। भारत की विविधता में एकता और उसकी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक यह राष्ट्रीय प्रतीक हैं, जो हर भारतीय के दिल में बसते हैं।

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