दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता: मेसोपोटामिया की प्राचीन सुमेरियन सभ्यता

दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता की खोज हमें इतिहास के उस दौर में ले जाती है जब मानवता ने सभ्यता की नींव रखी थी। “मेसोपोटामिया की प्राचीन सुमेरियन सभ्यता” मानव इतिहास की सबसे पुरानी और महानतम सभ्यताओं में से एक मानी जाती है। इस सभ्यता की शुरुआत लगभग 4000 ई. पू. में हुई थी और इसने विश्व को अनेक अद्वितीय अविष्कार और सांस्कृतिक धरोहरें प्रदान की हैं। आइए, इस लेख में हम विस्तार से जानते हैं मेसोपोटामिया की सुमेरियन सभ्यता के बारे में।

दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता

दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता मेसोपोटामिया की प्राचीन सुमेरियन सभ्यता है, जिसकी शुरुआत लगभग 4000 ई. पू. में हुई थी। यह सभ्यता टिगरिस और यूफ्रेटिस नदियों के बीच स्थित थी, जहाँ उरुक, उर और लागश जैसे महत्वपूर्ण शहर बसे थे। सुमेरियन सभ्यता ने लिखित भाषा ‘क्यूनिफॉर्म’, कानूनी प्रणाली, शहरीकरण, और कृषि में अद्वितीय योगदान दिया। यह सभ्यता बहुदेववाद में विश्वास करती थी और इसके धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक योगदान आज भी मानवता को प्रेरित करते हैं।

मेसोपोटामिया का भूगोल और इसका महत्त्व

मेसोपोटामिया, जो आज के इराक का हिस्सा है, दो महान नदियों टिगरिस और यूफ्रेटिस के बीच स्थित था। इन नदियों के कारण यह क्षेत्र अत्यंत उपजाऊ था और इसी वजह से इसे “क्रेडल ऑफ सिविलाइजेशन” यानी “सभ्यता की धरोहर” कहा जाता है। इस उपजाऊ भूमि ने सुमेरियन सभ्यता को कृषि, व्यापार और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद की।

सुमेरियन सभ्यता के प्रमुख शहर

सुमेरियन सभ्यता के प्रमुख शहरों में उरुक, उर, लागश और एरिडू शामिल थे। इनमें से उरुक सबसे महत्वपूर्ण शहर था, जिसे पहली नगरीकरण का उदाहरण माना जाता है। उरुक में सबसे पहली बार लिखने की प्रणाली ‘क्यूनिफॉर्म’ का आविष्कार हुआ था, जो विश्व की सबसे पहली लिखित भाषा मानी जाती है।

सुमेरियन सभ्यता की प्रमुख उपलब्धियां

  • लिखित भाषा का आविष्कार: सुमेरियन सभ्यता ने लिखित भाषा ‘क्यूनिफॉर्म’ का आविष्कार किया, जो न केवल संचार का साधन था बल्कि प्रशासनिक और व्यापारिक कार्यों को भी सुचारू बनाने में सहायक था।
  • कानूनी प्रणाली: सुमेरियन सभ्यता ने पहली बार कानूनी प्रणाली विकसित की। उर-नम्मू के कोडेक्स और हम्मुराबी के कानून संहिताएं इस बात का प्रमाण हैं कि सुमेरियन समाज कितना संगठित और अनुशासित था।
  • शहरीकरण और स्थापत्य कला: उरुक और उर जैसे शहरों में विशाल मंदिर, जिगुरैट और महल बनाए गए। इन निर्माणों में ईंट और पत्थर का उपयोग किया गया था, जो उस समय की स्थापत्य कला की उत्कृष्टता को दर्शाता है।

सुमेरियन धर्म और संस्कृति

सुमेरियन सभ्यता में बहुदेववाद प्रचलित था। अनु, एनलिल, एनकी और इनन्ना जैसे प्रमुख देवताओं की पूजा की जाती थी। सुमेरियन धार्मिक मान्यताओं में जीवन और मृत्यु के चक्र का वर्णन मिलता है, जो उनके समृद्ध साहित्य और मिथकों में झलकता है।

कृषि और व्यापार

मेसोपोटामिया की उपजाऊ भूमि ने सुमेरियन सभ्यता को कृषि में समृद्ध बनाया। यहां गेहूं, जौ, सब्जियां और फलों की खेती की जाती थी। इसके साथ ही व्यापार के लिए भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण था। सुमेरियन व्यापारियों ने मेसोपोटामिया से लेकर भारत और मिस्र तक व्यापार किया।

विज्ञान और गणित

सुमेरियन सभ्यता ने गणित और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन्होंने 60-आधारित संख्या प्रणाली विकसित की, जो आज भी समय और कोणों की माप में उपयोग की जाती है। इसके अलावा, इन्होंने समय की गणना के लिए 12-महीने और 24-घंटे की प्रणाली भी विकसित की।

निष्कर्ष

मेसोपोटामिया की प्राचीन सुमेरियन सभ्यता न केवल दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता थी बल्कि यह मानवता की उन मौलिक जड़ों की प्रतीक भी है, जिन्होंने सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसकी अद्वितीय सांस्कृतिक, सामाजिक और वैज्ञानिक उपलब्धियां आज भी हमारे समाज को प्रेरणा देती हैं। सुमेरियन सभ्यता की खोज और अध्ययन हमें इतिहास के उन पन्नों में ले जाता है, जहां से मानव सभ्यता की कहानी की शुरुआत होती है।

मेसोपोटामिया की सुमेरियन सभ्यता के योगदान और इसकी समृद्ध धरोहर के बारे में जानना, हमें हमारे अतीत के गौरव का अहसास कराता है और यह सिद्ध करता है कि किस प्रकार मानवता ने प्रगति की दिशा में कदम बढ़ाए थे।

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