अधर्म में उपसर्ग और मूल शब्द | Adharm me Upsarg aur Mool Shabd

‘अधर्म’ शब्द को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है: ‘अ’ और ‘धर्म’। आइए इन दोनों भागों को विस्तार से समझते हैं: अब, ‘अधर्म’ शब्द का निर्माण ‘अ’ उपसर्ग और ‘धर्म’ मूल शब्द को मिलाकर होता है। इसका अर्थ है ‘निश्चित रूप से नहीं धर्म’ या ‘धर्म के विपरीत’। यह उन कार्यों, विचारों, या […]